पटना: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जारी मतगणना ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। शुरुआती रुझानों से लेकर कई दौर की गिनती तक जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। मतगणना के 29 वें दौर तक वह करीब 19 हजार मतों की बढ़त के साथ आगे चल रहे हैं। हालांकि अंतिम परिणाम आना अभी बाकी है, लेकिन इन रुझानों ने राजनीतिक दलों की बयानबाजी को तेज कर दिया है।
इसी बीच तेज प्रताप यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि बांकीपुर का जनादेश केवल एक सीट का परिणाम नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक सोच का संकेत है। उन्होंने कहा कि जनता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय मतदाता का होता है और किसी भी राजनीतिक दल के लिए जनता का विश्वास सबसे बड़ी ताकत है।
तेज प्रताप यादव ने अपने पोस्ट में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का नाम लेते हुए लिखा कि यदि बांकीपुर जैसी महत्वपूर्ण सीट पर भाजपा को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, तो यह पार्टी के लिए गंभीर राजनीतिक संदेश है। उन्होंने यह भी कहा कि यह परिणाम आने वाले समय में पूरे बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।
सोशल मीडिया पर तेज प्रताप ने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें भाजपा नेता नितिन नवीन को प्रतीकात्मक रूप से पराजित और निराश दिखाया गया है। तस्वीर में “जीत-जनता की, हार-नितिन नवीन” जैसे शब्द लिखे गए हैं। इस पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि भाजपा की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बांकीपुर विधानसभा से बड़ा राजनीतिक संदेश निकला है।
भाजपा को यहाँ प्रचंड हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी भी अपनी ही विधानसभा सीट नहीं बचा पाए। यह परिणाम बताता है कि जनता का जनादेश सर्वोपरि है और लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता ही करती है। अब यह चर्चा… pic.twitter.com/zAITrvwMu2— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) August 3, 2026
दूसरी ओर, जन सुराज पार्टी के समर्थकों में उत्साह का माहौल है। यदि अंतिम परिणाम में प्रशांत किशोर अपनी बढ़त बरकरार रखते हैं, तो यह उनकी पार्टी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। जन सुराज के गठन के बाद यह पहला अवसर होगा जब पार्टी किसी विधानसभा सीट पर जीत दर्ज करेगी। इससे पहले हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी ने कई उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन कोई भी जीत हासिल नहीं कर पाया था।
प्रशांत किशोर के लिए यह केवल एक उपचुनाव की सफलता नहीं होगी, बल्कि बिहार में तीसरे राजनीतिक विकल्प की संभावना को भी मजबूत करेगी। लंबे समय से राज्य की राजनीति भाजपा-एनडीए और आरजेडी महागठबंधन के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में जन सुराज की संभावित जीत आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरण बदल सकती है।
बांकीपुर सीट हमेशा से राजनीतिक रूप से अहम मानी जाती रही है। राजधानी पटना के केंद्र में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र शहरी मतदाताओं की राजनीतिक सोच का भी संकेत देता है। इसलिए यहां का परिणाम केवल स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक परिदृश्य पर इसके प्रभाव को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।