नई दिल्ली। कभी भारी कर्ज और वित्तीय संकट से जूझ रही उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (RNIL) के अधिग्रहण की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। कंपनी के अधिग्रहण से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रगति के बाद शेयर बाजार में भी इसका असर साफ दिखाई दिया। इस डील के बाद स्वान एनर्जी लिमिटेड के शेयरों में लगातार तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ गया।
शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि लंबे समय से अटकी इस प्रक्रिया में सकारात्मक प्रगति होने से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। इसी वजह से कंपनी के शेयरों में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से लगातार खरीदारी देखने को मिल रही है।
अग्रिम भुगतान पूरा होने से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वान एनर्जी ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) द्वारा स्वीकृत समाधान योजना के तहत रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए आवश्यक अग्रिम भुगतान पूरा कर दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद बाजार में कंपनी के प्रति सकारात्मक माहौल बना।
विश्लेषकों का मानना है कि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी आने से स्वान एनर्जी को भविष्य में रक्षा, जहाज निर्माण और ऊर्जा क्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। यही वजह है कि निवेशकों ने कंपनी के शेयरों में जमकर खरीदारी की।
शुक्रवार को शेयर ने दिखाई जबरदस्त रफ्तार
कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को स्वान एनर्जी के शेयरों में करीब 19 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। कारोबार के दौरान शेयर ने अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर को भी छू लिया। हालांकि बाजार बंद होने तक इसमें कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद शेयर मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ।
इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और कंपनी चर्चा का प्रमुख विषय बन गई।
सोमवार को भी जारी रही तेजी
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भी स्वान एनर्जी के शेयरों में खरीदारी का सिलसिला जारी रहा। शुरुआती कारोबार में शेयर मजबूती के साथ खुला और दिनभर सकारात्मक दायरे में कारोबार करता रहा। अंत में शेयर करीब 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ।
लगातार दो कारोबारी सत्रों में आई इस तेजी ने बाजार में यह संकेत दिया कि निवेशक इस अधिग्रहण को कंपनी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं। कभी भारी कर्ज में डूबी थी कंपनी रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड कभी अनिल अंबानी समूह की प्रमुख कंपनियों में शामिल थी, लेकिन वित्तीय संकट और भारी कर्ज के कारण कंपनी दिवालिया प्रक्रिया में चली गई। इसके बाद NCLT के माध्यम से समाधान योजना तैयार की गई। दिसंबर 2022 में समाधान योजना को मंजूरी मिलने के बाद कंपनी के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई। योजना के अनुसार अधिग्रहण करने वाली कंपनी को लेनदारों का भुगतान चरणबद्ध तरीके से करना था। अब अग्रिम भुगतान पूरा होने के बाद प्रक्रिया में नई गति आ गई है।
किन क्षेत्रों में मिलेगा फायदा?
स्वान एनर्जी का मानना है कि इस अधिग्रहण के बाद कंपनी केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रक्षा उत्पादन, शिपबिल्डिंग, कमर्शियल जहाज निर्माण, पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑयल एंड गैस से जुड़े क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा सकेगी। कंपनी का उद्देश्य देश के समुद्री और रक्षा उद्योग में एक बड़ी निजी कंपनी के रूप में अपनी पहचान बनाना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कंपनी अपनी रणनीति के अनुसार आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में इसका कारोबार कई गुना बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी शेयर में तेज उछाल के बाद निवेशकों को केवल तेजी देखकर निवेश नहीं करना चाहिए। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, भविष्य की योजनाओं, कर्ज की स्थिति और उद्योग की संभावनाओं का मूल्यांकन करना जरूरी है।
हालांकि अधिग्रहण से जुड़ी सकारात्मक खबरों ने बाजार का भरोसा बढ़ाया है, लेकिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है। इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर और वित्तीय सलाहकार की राय लेकर ही निवेश का फैसला करना चाहिए।
अब बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि अधिग्रहण की शेष प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और स्वान एनर्जी इस संपत्ति का व्यावसायिक उपयोग किस प्रकार करती है। यदि कंपनी अपने विस्तार की योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करती है, तो आने वाले समय में इसके कारोबारी प्रदर्शन और शेयर पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।