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अमेरिकी अदालत के फैसले पर अदाणी बोले, कानून में मेरा विश्वास अटूट

नई दिल्ली: उद्योगपति और अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी को अमेरिका की अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिली है। न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित अमेरिकी जिला अदालत ने अमेरिकी न्याय विभाग की उस अर्जी को मंजूरी दे दी, जिसमें अदाणी और अन्य आरोपियों के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को समाप्त करने की मांग की […]

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Gauravshali Bharat News
  • August 11, 2026 11:37 am IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली: उद्योगपति और अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी को अमेरिका की अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिली है। न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित अमेरिकी जिला अदालत ने अमेरिकी न्याय विभाग की उस अर्जी को मंजूरी दे दी, जिसमें अदाणी और अन्य आरोपियों के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को समाप्त करने की मांग की गई थी। मामला कथित रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों से संबंधित था।

अमेरिकी जिला जज निकोलस गराउफिस ने अभियोजन पक्ष की याचिका पर सुनवाई के बाद मामले को खारिज करने की अनुमति दी। इस घटनाक्रम के बाद गौतम अदाणी ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान जताया। उन्होंने कानून में अपने विश्वास को दोहराया और उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने मुश्किल दौर में उनका समर्थन किया।

यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि अमेरिकी अभियोजन पक्ष ने अदाणी और अन्य लोगों पर भारतीय अधिकारियों को कथित रूप से रिश्वत देने की योजना से जुड़े आरोप लगाए थे। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि कारोबारी हितों को आगे बढ़ाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत की व्यवस्था की गई। अदाणी समूह और गौतम अदाणी ने इन आरोपों को खारिज किया था।

मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान अमेरिकी न्याय विभाग ने आपराधिक अभियोजन को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया। इसके बाद मामले को औपचारिक रूप से समाप्त करने के लिए अदालत के सामने आवेदन किया गया। अदालत ने इस प्रक्रिया में अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार किया और अंततः मामले को खारिज करने की अनुमति दे दी।

अदालत की कार्यवाही में यह पहलू भी महत्वपूर्ण रहा कि न्याय विभाग के मामले वापस लेने के फैसले की न्यायिक समीक्षा की सीमाएं क्या हैं। अमेरिकी अदालतों में अभियोजन पक्ष को किसी आपराधिक मामले को आगे बढ़ाने या समाप्त करने के संबंध में व्यापक अधिकार प्राप्त होते हैं, हालांकि कुछ परिस्थितियों में अदालत उस प्रक्रिया की समीक्षा कर सकती है।

फैसले के बाद अदाणी समूह के लिए यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय कारोबारी समूह के शीर्ष अधिकारी के खिलाफ आपराधिक मामला चलना निवेशकों और वैश्विक कारोबारी साझेदारों के लिए भी अहम विषय होता है। ऐसे में मामले के समाप्त होने से अदाणी समूह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है।

गौतम अदाणी ने अपने बयान में फैसले का सम्मान करने की बात कही। उन्होंने भरोसा जताया कि उनका समूह देश के विकास और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों को आगे भी जारी रखेगा। उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि समूह अब आगे की कारोबारी योजनाओं और विस्तार पर ध्यान केंद्रित करना चाहता है।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि किसी एक आपराधिक मामले का खारिज होना अदाणी समूह से जुड़े हर दूसरे कानूनी या नियामकीय मामले के खत्म होने के समान नहीं है। अलग-अलग देशों और संस्थाओं में चल रही किसी भी अन्य कार्यवाही की स्थिति उसके अपने तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होती है।

इस मामले के समाप्त होने के बाद अब बाजार और कारोबारी जगत की नजर अदाणी समूह की आगे की रणनीति पर रहेगी। समूह ऊर्जा, बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचे और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में काम करता रहा है।

अमेरिकी अदालत का यह फैसला गौतम अदाणी के लिए व्यक्तिगत और कारोबारी दोनों स्तर पर राहत देने वाला घटनाक्रम है। लंबे समय से चर्चा में रहे इस आपराधिक मामले के समाप्त होने से उनके खिलाफ अमेरिका में चल रही संबंधित अभियोजन प्रक्रिया का अंत हो गया है। अब आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस फैसले का अदाणी समूह की वैश्विक कारोबारी योजनाओं, निवेशकों के भरोसे और अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर क्या प्रभाव पड़ता है। फिलहाल, गौतम अदाणी ने फैसले का स्वागत करते हुए कानून और न्यायिक प्रक्रिया में अपना विश्वास दोहराया है।

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