नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में सत्य निकेतन हादसे के करीब एक महीने बाद एक बार फिर इमारत गिरने की घटना सामने आई है। सीमापुरी इलाके में मछली मंडी के पास एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत की बात यह है कि बचाव दल ने मलबे से दो बच्चों को बाहर निकाल लिया है। घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
फायर विभाग को दोपहर करीब सवा तीन बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। दिल्ली पुलिस के जवान भी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान में जुट गए। फायर विभाग की ओर से चार फायर टेंडर घटनास्थल पर भेजे गए हैं। मलबे के बड़े हिस्से को हटाकर उसके नीचे फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी पहुंच गए। कई लोग अपने स्तर पर मलबा हटाने और राहत कार्य में मदद करते दिखाई दिए। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में इमारत के गिरने के बाद फैला मलबा नजर आ रहा है। आसपास मौजूद लोग हाथों से मलबा हटाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिसकर्मी भी रेस्क्यू टीम के साथ मिलकर मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
बचाव अभियान के दौरान सबसे बड़ी चुनौती मलबे के नीचे किसी व्यक्ति के दबे होने की संभावना को देखते हुए सावधानी से उसे हटाना है। रेस्क्यू टीम लगातार अलग-अलग हिस्सों की जांच कर रही है। आशंका है कि हादसे के समय इमारत के भीतर कुछ लोग मौजूद रहे होंगे। ऐसे में बचाव दल प्राथमिकता के आधार पर संभावित स्थानों पर खोज अभियान चला रहा है।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक सीमापुरी इलाके में बहुमंजिला इमारत गिरने के कारण बचाव दल मौके पर काम कर रहे हैं। इसके चलते सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे संभव हो तो हादसे वाले इलाके में जाने से बचें। घटनास्थल के आसपास अनावश्यक रूप से रुकने, वाहन खड़ा करने या भीड़ लगाने से बचने को कहा गया है। पुलिस के मुताबिक बचाव और राहत वाहनों को घटनास्थल तक तेजी से पहुंचने और वहां से निकलने के लिए रास्ता उपलब्ध रहना जरूरी है। इसलिए लोगों से कहा गया है कि वे सड़क की लेन खाली रखें और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। मलबे से और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और इमारत गिरने की वास्तविक वजह क्या है, इसकी तस्वीर बचाव अभियान पूरा होने और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस, फायर विभाग और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य जारी है।