नयी दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सीने में संक्रमण की शिकायत के बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 98 वर्षीय आडवाणी का फिलहाल आईसीयू में उपचार चल रहा है। उनकी देखरेख न्यूरोलॉजी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. विनीत सूरी कर रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और मेडिकल टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है।
आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके जेपी नड्डा ने अपोलो अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने आडवाणी का हालचाल जाना और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। हालांकि, अस्पताल की ओर से उनकी सेहत को लेकर दी गई जानकारी में फिलहाल स्थिति स्थिर होने की बात कही गई है।
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। उन्होंने लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान संगठन को मजबूत करने और पार्टी के विस्तार में अहम योगदान दिया। वह देश के उप प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य से जुड़ी खबर पर राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है।
98 वर्षीय आडवाणी को इससे पहले भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इसी साल मई में उम्र से जुड़ी परेशानियों के चलते उन्हें अपोलो अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया था। उस समय वह कुछ दिनों तक चिकित्सकों की निगरानी में रहे और बाद में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। बढ़ती उम्र को देखते हुए डॉक्टर उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी कर रहे हैं।
इससे पहले दिसंबर 2024 में भी आडवाणी को चिकित्सा जांच और उपचार के लिए इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई यानी आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उस समय भी उनका इलाज डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में हुआ था। अस्पताल ने तब उनकी स्थिति स्थिर बताई थी। एक रिपोर्ट के अनुसार, 17 दिसंबर 2024 को अस्पताल की ओर से जानकारी दी गई थी कि उनकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और उन्हें अगले एक-दो दिनों में आईसीयू से दूसरे वार्ड में स्थानांतरित किए जाने की उम्मीद थी।
आडवाणी का राजनीतिक सफर कई दशकों तक फैला रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में उनकी गिनती होती है और पार्टी की वैचारिक तथा संगठनात्मक दिशा तय करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में उन्होंने उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक अनुभव के कारण उन्हें देश की राजनीति के प्रभावशाली नेताओं में माना जाता है।
फिलहाल डॉक्टरों की प्राथमिकता उनके सीने में हुए संक्रमण का उपचार करना और स्वास्थ्य की स्थिति पर लगातार नजर रखना है। अस्पताल की ओर से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है। आने वाले समय में चिकित्सकों की निगरानी और उपचार के आधार पर उनके स्वास्थ्य में होने वाले बदलाव की जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल उनके समर्थक और शुभचिंतक उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।