बिहार विधान परिषद की खाली हो रही सीटों को लेकर देश के निर्वाचन आयोग (ECI) ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है। बिहार में 10 सीटों पर 18 जून 2026 को वोटिंग होगी और उसी दिन नतीजों का भी ऐलान कर दिया जाएगा। इस चुनाव में 9 सीटों पर नियमित द्विवार्षिक चुनाव होने हैं, जबकि राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई 1 सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा।
इस उपचुनाव में जीतने वाले उम्मीदवार का कार्यकाल 6 मार्च 2030 तक रहने वाला है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी टाइमलाइन के मुताबिक, पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक संपन्न करा ली जाएगी:
1 जून 2026: चुनाव और उपचुनाव की आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी होगी।
8 जून 2026: उम्मीदवार इस तारीख तक अपना नामांकन (Nomination) दाखिल कर सकेंगे।
9 जून 2026: नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny) की जाएगी।
11 जून 2026: नाम वापस (Withdrawal) लेने की आखिरी तारीख।
18 जून 2026: सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। इसके तुरंत बाद इसी दिन मतगणना (Counting) और रिजल्ट आएगा।
20 जून 2026: चुनाव की पूरी प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।
बिहार विधान परिषद के जिन 9 सदस्यों (MLCs) का कार्यकाल 29 जून 2026 को समाप्त हो रहा है, उनमें सत्तापक्ष और विपक्ष के कई बड़े चेहरे शामिल हैं:
सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री), संजय मयूख, डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मो. फारूक, भीष्म साहनी, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा (मंत्री), समीर कुमार सिंह और सुनील कुमार सिंह।
ध्यान रहे कि वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद, 16 नवंबर 2025 को ही विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
चूंकि ये चुनाव विधानसभा कोटे के हैं, इसलिए इसमें जनता नहीं बल्कि बिहार विधानसभा के निर्वाचित विधायक (MLAs) वोट डालेंगे। मौजूदा संख्या बल के हिसाब से एनडीए (NDA) और महागठबंधन के बीच सीटों को लेकर शह-मात का खेल शुरू हो गया है:
JDU: खाली हो रही सीटों में से 4 सीटों पर पहले जेडीयू का कब्जा था। सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत जेडीयू इन चारों सीटों को बरकरार रखने की रणनीति पर है।
BJP: भाजपा के पास पहले 2 सीटें थीं, लेकिन इस बार विधायकों की संख्या के लिहाज से उसके खाते में 3 सीटें आने की उम्मीद है।
चिराग और कुशवाहा की एंट्री: चर्चा है कि एनडीए के तहत लोक जनशक्ति पार्टी (R) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को भी 1-1 सीट मिल सकती है। चर्चा यह भी है कि चिराग पासवान अपने कोटे से अपने भांजे सीमांत पासवान को सदन भेज सकते हैं।
RJD: विपक्षी खेमे से आरजेडी के खाते में 1 सीट जाने की संभावना जताई जा रही है।
तारीखों के ऐलान के साथ ही पटना से लेकर दिल्ली तक उम्मीदवारों के नामों को लेकर मंथन तेज हो गया है। जून के पहले हफ्ते में नामांकन शुरू होते ही सभी दलों के पत्ते पूरी तरह साफ हो जाएंगे।