पटना: बिहार की राजनीति में सरकारी आवास को लेकर चल रही चर्चा के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को सरकारी आवास से विशेष लगाव है, लेकिन वह पद और जिम्मेदारी को ही प्राथमिकता देते हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान सम्राट चौधरी ने कहा कि यदि पार्टी और उनके शीर्ष नेतृत्व की ओर से यह कह दिया जाए कि उनकी जिम्मेदारी समाप्त हो गई है, तो वह 24 घंटे के भीतर सरकारी आवास खाली कर देंगे। उन्होंने कहा कि पद स्थायी नहीं होता और जनप्रतिनिधियों को सरकारी सुविधाओं के प्रति मोह नहीं रखना चाहिए।
सम्राट चौधरी ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग अलग-अलग सरकारी आवासों को लेकर दावा करते हैं। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई बेटा अलग घर चाहता है तो कोई माता जी अलग आवास चाहती हैं। उनके इस बयान को बिहार की मौजूदा राजनीतिक बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।
हाल के दिनों में बिहार की राजनीति में सरकारी आवास और उसके आवंटन को लेकर विभिन्न दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी क्रम में सम्राट चौधरी का यह बयान भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी आवास का मुद्दा आने वाले दिनों में भी बिहार की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना रह सकता है। फिलहाल सम्राट चौधरी के बयान पर विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है।