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ऑनलाइन शॉपिंग में मिला खराब सामान? रिफंड नहीं मिला तो इस सरकारी नंबर पर करें शिकायत

नई दिल्ली। डिजिटल युग में ऑनलाइन शॉपिंग लोगों की पहली पसंद बन चुकी है। कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक, लगभग हर चीज अब एक क्लिक पर घर पहुंच जाती है। हालांकि, इस सुविधा के साथ कई बार उपभोक्ताओं को परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। खराब या टूटा हुआ […]

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  • June 18, 2026 9:52 am IST, Published 3 hours ago

नई दिल्ली। डिजिटल युग में ऑनलाइन शॉपिंग लोगों की पहली पसंद बन चुकी है। कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक, लगभग हर चीज अब एक क्लिक पर घर पहुंच जाती है। हालांकि, इस सुविधा के साथ कई बार उपभोक्ताओं को परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है। खराब या टूटा हुआ सामान मिलना, ऑर्डर की गई वस्तु की जगह दूसरा उत्पाद पहुंच जाना, रिफंड में देरी होना या ग्राहक सेवा से संतोषजनक जवाब न मिलना जैसी शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।

ऐसी स्थिति में उपभोक्ताओं को घबराने या नुकसान सहने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (National Consumer Helpline – NCH) की व्यवस्था की है। यदि किसी ई-कॉमर्स कंपनी द्वारा आपकी समस्या का समाधान नहीं किया जाता, तो आप 1915 नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा संचालित यह हेल्पलाइन ग्राहकों और कंपनियों के बीच संवाद स्थापित कर विवादों का समाधान कराने का प्रयास करती है। कई मामलों में शिकायत दर्ज होने के बाद कंपनियां तेजी से कार्रवाई करती हैं और उपभोक्ताओं को रिफंड, रिप्लेसमेंट या अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराती हैं।

किन मामलों में कर सकते हैं शिकायत?

खराब या डैमेज सामान मिलने पर

गलत उत्पाद की डिलीवरी होने पर

रिफंड में अनावश्यक देरी होने पर

ऑर्डर कैंसिल होने के बावजूद पैसा वापस न मिलने पर

ग्राहक सेवा द्वारा उचित सहायता न मिलने पर

फर्जी ऑफर या भ्रामक विज्ञापन से नुकसान होने पर

शिकायत दर्ज करते समय रखें ये दस्तावेज

विशेषज्ञों के अनुसार शिकायत दर्ज कराने से पहले कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार रखना जरूरी है। इनमें ऑर्डर नंबर, खरीदारी का बिल, भुगतान की रसीद, डिलीवरी की जानकारी तथा खराब सामान की फोटो या वीडियो शामिल हैं। ये प्रमाण शिकायत के निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उपभोक्ता के पक्ष को मजबूत बनाते हैं।

कई माध्यमों से दर्ज कर सकते हैं शिकायत

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर केवल फोन कॉल ही नहीं, बल्कि वेबसाइट, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी समस्या दर्ज कराने में आसानी होती है और शिकायत की स्थिति पर भी नजर रखी जा सकती है।

बढ़ रही हैं ई-कॉमर्स से जुड़ी शिकायतें

हाल के वर्षों में ऑनलाइन शॉपिंग से संबंधित शिकायतों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते डिजिटल लेन-देन के साथ उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक रहने की आवश्यकता है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर समय रहते शिकायत दर्ज करना नुकसान से बचा सकता है।

सावधानी भी है जरूरी

ऑनलाइन खरीदारी करते समय केवल भरोसेमंद वेबसाइट और ऐप का ही उपयोग करें। किसी भी आकर्षक ऑफर या संदिग्ध लिंक पर बिना जांच-पड़ताल के क्लिक न करें। उत्पाद खरीदने से पहले उसकी रेटिंग, रिव्यू और रिटर्न पॉलिसी अवश्य पढ़ें।

उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऑनलाइन खरीदारी के दौरान आपके साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी होती है या कंपनी आपकी समस्या का समाधान नहीं करती, तो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 आपकी मदद के लिए उपलब्ध है। सही दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कर आप अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं और उचित समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

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