मुजफ्फरपुर: राज्य सरकार की नई टोल नीति के तहत अब मुजफ्फरपुर जिले के स्टेट हाईवे (SH) पर यात्रा करना महंगा होने वाला है। सरकार ने अपनी नई नीति के अंतर्गत जिले के दो प्रमुख स्टेट हाईवे को टोल टैक्स वसूली के दायरे में शामिल करने का निर्णय लिया है। इनमें एसएच-74 (वैशाली से अरेराज) और एसएच-86 (मोतीपुर से साहेबगंज) शामिल हैं।
पथ निर्माण विभाग, पटना की देखरेख में इन दोनों मार्गों पर टोल टैक्स की व्यवहार्यता जांचने के लिए पिछले एक महीने से ट्रैफिक सर्वे का काम चल रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार:
एसएच-74: यह मार्ग वैशाली से अरेराज तक लगभग 170 किलोमीटर लंबा है, जिसका करीब 30 किलोमीटर हिस्सा मुजफ्फरपुर जिले से होकर गुजरता है।
यातायात का दबाव: वैशाली-अरेराज पथ पर प्रतिदिन 20,000 से अधिक और मोतीपुर-साहेबगंज पथ पर 10,000 से 15,000 वाहनों का आवागमन होता है।
अगला कदम: सर्वे रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपने के बाद टोल वसूली के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे प्राप्त होने वाली राशि सीधे राज्य सरकार के खाते में जमा होगी।
प्रारंभिक चरण में केवल दो स्टेट हाईवे को शामिल किया गया है, लेकिन आने वाले समय में जिले के अन्य महत्वपूर्ण मार्गों और संरचनाओं को भी टोल नीति में जोड़ा जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि मुजफ्फरपुर-हाजीपुर बाइपास के साथ-साथ जिले के प्रमुख पुल भी टोल के दायरे में आ सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
दादर और अखाड़ाघाट पुल।
मधुरपट्टी (बागमती नदी) और फतेहाबाद (बूढ़ी गंडक) पर निर्माणाधीन पुल।
हालांकि, इस संबंध में स्थानीय स्तर पर अभी स्पष्ट निर्देशों का इंतजार है। पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ई. गणेश जी ने स्पष्ट किया है कि नई नीति को लेकर अभी विभाग से आधिकारिक गाइडलाइन प्राप्त नहीं हुई है, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।