वाराणसी: डिजिटल दुनिया में एक कॉल भी आपकी जिंदगी की जमा-पूंजी छीन सकता है। वाराणसी के काशीपुर-कुरहुआ इलाके में रहने वाले योगेन्द्र तिवारी डिजिटल अरेस्ट के शिकार हो गए और 12.50 लाख रुपए ट्रांसफर कराने वाले जालसाजों के खिलाफ केस दर्ज किया है। दरअसल 27 फरवरी को योगेन्द्र तिवारी को मोबाइल पर फोन आया,दूसरी तरफ से एक सख्त ने कहा कि, “मैं दूरसंचार विभाग (ट्राई) से विजय शर्मा बोल रहा हूँ… आपके नाम से एक शिकायत दर्ज है।”
इतना सुनते ही योगेन्द्र घबरा गए। उन्होंने पूछा, “कैसी शिकायत?” उधर से जवाब आया, “आपको पूरी जानकारी व्हाट्सएप कॉल पर दी जाएगी। तुरंत इस नंबर पर संपर्क कीजिए, नहीं तो आपके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।” योगेन्द्र ने बताए गए नंबर पर व्हाट्सएप कॉल किया। कॉल उठते ही सामने वाले ने खुद को अधिकारी बताया और गंभीर लहजे में कहा कि योगेन्द्र के नाम से मनी लॉन्ड्रिंग का मामला जुड़ा हुआ है। उन्हें “डिजिटल अरेस्ट” का हवाला देकर डराया गया |
उन्हें कहा गया कि अगर वे सहयोग नहीं करेंगे तो तुरंत पुलिस कार्रवाई होगी। घबराए योगेन्द्र को निर्देश दिया गया कि वे अपनी बैंक डिटेल साझा करें और “जांच” के लिए पैसे ट्रांसफर करें, ताकि उनका नाम क्लियर किया जा सके। बिना ज्यादा सोचे-समझे, योगेन्द्र ने एक के बाद एक ट्रांजैक्शन कर दिए। कुल मिलाकर 12.50 लाख रुपए उनके खाते से निकलकर जालसाजों के पास पहुंच गए।
जब तक उन्हें एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हिम्मत जुटाकर उन्होंने पूरे मामले की तहरीर पुलिस को दी। उनके बयान के आधार पर अज्ञात जालसाजों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है |