जॉर्ज कूरियन का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद वे संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं रहे थे। संविधान के अनुसार कोई भी मंत्री संसद का सदस्य बने बिना अधिकतम छह महीने तक पद पर रह सकता है, लेकिन कूरियन ने पद छोड़ने का फैसला किया और अपना इस्तीफा सौंप दिया।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। कूरियन केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
उनके इस्तीफे के बाद अब केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल और नई नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।