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हेमकुंड साहिब के कपाट खुले:  5 क्विंटल फूलों से सजा दरबार

चमोली: उत्तराखंड के पहाड़ों में स्थित सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट आज शनिवार सुबह 11:30 बजे पूरे विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। इस ऐतिहासिक और पावन क्षण का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से पहुंचे 3,000 से अधिक श्रद्धालु धाम में मौजूद […]

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  • May 23, 2026 4:09 pm IST, Published 17 seconds ago

चमोली: उत्तराखंड के पहाड़ों में स्थित सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट आज शनिवार सुबह 11:30 बजे पूरे विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। इस ऐतिहासिक और पावन क्षण का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से पहुंचे 3,000 से अधिक श्रद्धालु धाम में मौजूद रहे।

कपाट खुलते ही पूरी लोकपाल घाटी ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठी। इस विशेष अवसर पर मुख्य गुरुद्वारे को करीब 5 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से बेहद भव्य रूप से सजाया गया था।

 धार्मिक अनुष्ठान के साथ दरबार में विराजे गुरुग्रंथ साहिब

गुरुद्वारा ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि कपाट खुलने के बाद सबसे पहले सचखंड से पावन गुरुग्रंथ साहिब को पूरे आदर-सत्कार के साथ मुख्य दरबार साहिब में विराजमान किया गया। इसके बाद पंच प्यारों की अगुवाई में विशेष शबद कीर्तन, अरदास और सुखमनी साहिब का पाठ संपन्न हुआ, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

18 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई और जमी बर्फ के बीच पहुंचे श्रद्धालु

शनिवार सुबह श्रद्धालुओं का पहला जत्था अपने बेस कैंप ‘घांघरिया’ से रवाना होकर समुद्र तल से 15,225 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित धाम पहुंचा। श्रद्धालुओं को यहां तक पहुंचने के लिए गोविंदघाट से शुरू होने वाली 18 किलोमीटर की बेहद कठिन और खड़ी चढ़ाई को पार करना पड़ा।

धाम और उसके आसपास के रास्तों पर अभी भी कई फीट बर्फ जमी हुई है। इस यात्रा को सुचारू बनाने के लिए भारतीय सेना के जवानों ने हाड़ कंपा देने वाली ठंड में कड़ी मशक्कत की और पैदल मार्ग से भारी बर्फ हटाकर रास्ता साफ किया।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष गाइडलाइन जारी

कपाट खुलने के साथ ही भ्यूंडार घाटी का ‘गुरु आस्था पथ’ एक बार फिर तीर्थयात्रियों की चहल-पहल से गुलजार हो गया है। हालांकि, गुरुद्वारा मैनेजमेंट ट्रस्ट ने धाम की अत्यधिक ऊंचाई और कड़ाके की ठंड को देखते हुए श्रद्धालुओं से एक विशेष अपील की है। ट्रस्ट ने यात्रियों से कहा है कि वे यात्रा मार्ग पर पूरी तरह अनुशासन बनाए रखें और अत्यधिक ठंड को देखते हुए अपने स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और नियमों का कड़ाई से पालन करें।

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