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पहली सूची आते ही AAP को झटका, दो विधायकों ने पार्टी से तोड़ा नाता

दोनों विधायकों के इस्तीफे के पीछे टिकट को लेकर नाराजगी की चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी कीतैयारियों और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया से दोनों नेता संतुष्ट नहीं थे।

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Gauravshali Bharat News
  • November 1, 2026 6:30 pm IST, Published 1 hour ago
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की पहलीसूची जारी किए जाने के अगले ही दिन दो मौजूदा विधायकों ने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर पंजाब की सियासत में हलचल मचा दी है।इस्तीफा देने वाले नेताओं में पटियाला जिले की समाना विधानसभा सीट से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायकहरमीत सिंह पठानमाजरा शामिल हैं। दोनों नेताओं के इस फैसले को आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से पार्टी के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानाजा रहा है।जानकारी के मुताबिक, आम आदमी पार्टी ने 31 अक्टूबर को पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। इससूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल किए गए हैं। हालांकि, समाना से चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से हरमीतसिंह पठानमाजरा को पहली सूची में जगह नहीं मिली। इसके ठीक अगले दिन दोनों विधायकों की ओर से पार्टी छोड़ने का ऐलान सामने आया।

चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह आम आदमी पार्टी की प्राथमिकसदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। दूसरी ओर, हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने की घोषणा की। उनके इस्तीफे कीजानकारी सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

दोनों विधायकों के इस्तीफे के पीछे टिकट को लेकर नाराजगी की चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी कीतैयारियों और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया से दोनों नेता संतुष्ट नहीं थे। हालांकि, केवल पहली सूची में नाम नहीं होने को ही इस्तीफे कीआधिकारिक वजह मानना जल्दबाजी होगी। दोनों नेताओं की ओर से अपने फैसले के पीछे के सभी कारणों को लेकर विस्तृत स्थिति स्पष्ट होना अभीबाकी है।

चेतन सिंह जौड़ामाजरा की बात करें तो वह समाना विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। वह भगवंत मान सरकार मेंकैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ऐसे में उनका पार्टी से अलग होना समाना सहित पटियाला जिले की राजनीति में अहम माना जा रहा है।बताया जा रहा है कि समाना क्षेत्र में पार्टी की संगठनात्मक व्यवस्था को लेकर भी उनके और नेतृत्व के बीच मतभेद की स्थिति बनी हुई थी।

वहीं, हरमीत सिंह पठानमाजरा भी पिछले कुछ समय से पार्टी नेतृत्व और पंजाब सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। सितंबर 2025में बाढ़ की स्थिति और अपने विधानसभा क्षेत्र में नदी-नालों की सफाई को लेकर उन्होंने सरकार तथा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर सवाल उठाए थे। इसकेबाद उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच विवाद की खबरें लगातार सामने आती रहीं। उनके खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले और उससे जुड़ी कानूनीकार्रवाई ने भी उन्हें राजनीतिक चर्चा में बनाए रखा है। पठानमाजरा इन कार्रवाइयों को लेकर सरकार पर राजनीतिक प्रताड़ना के आरोप लगाते रहे हैं।

इस घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी अभी से उम्मीदवारोंके चयन और चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे समय में दो मौजूदा विधायकों का पार्टी छोड़ना संगठन के लिए चुनौती बन सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि आम आदमी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस घटनाक्रम पर क्या प्रतिक्रिया देता है और दोनों विधायक आगे किस राजनीतिक दल के साथ अपनी नई पारी शुरू करते हैं।

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