फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद में धनतेरस की रात पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद एक बड़ी वारदात में बदल गया। सेक्टर-21सी की एक बहुमंजिला इमारत में टेक महिंद्रा के एशिया हेड परमजीत धनखड़ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, उनकी अपने पड़ोसी मोनू शर्मा के साथ पार्किंग में खड़ी कार को हटाने को लेकर कहासुनी हुई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर परमजीत पर गोलियां बरसा दीं। इस हमले में उन्हें नौ गोलियां लगीं और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वारदात के बाद आरोपी अपने परिवार के साथ मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गईं।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों परिवारों के बीच पिछले कई दिनों से किसी न किसी बात को लेकर तनाव चल रहा था। सेक्टर-21सी की बिल्डिंग नंबर-641 में परमजीत धनखड़ का परिवार पहली मंजिल पर रहता था, जबकि आरोपी मोनू शर्मा का परिवार तीसरी मंजिल पर रहता है। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच पार्किंग के अलावा पालतू कुत्ते को लेकर भी विवाद हुआ था। आरोप है कि मोनू शर्मा का बेटा अक्सर पार्किंग क्षेत्र में अपने पालतू कुत्ते को शौच कराता था। परमजीत के बेटे सूर्य ने कई बार इस पर आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर चार-पांच दिन पहले भी दोनों परिवारों के बीच बहस हुई थी। हालांकि उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
परमजीत धनखड़ काम के सिलसिले में सिंगापुर में रहते थे और उनका अक्सर भारत आना-जाना लगा रहता था। उनका परिवार फरीदाबाद में ही रहता है। परिवार के मुताबिक, परमजीत 5 नवंबर को अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए सिंगापुर से भारत लौटे थे। परिवार में 24 नवंबर को शादी का कार्यक्रम निर्धारित था। घर आने के बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या भी शुरू कर दी थी और नियमित रूप से जिम जा रहे थे। शुक्रवार रात भी वह जिम से लौटकर अपने घर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि पार्किंग में खड़ी एक कार को लेकर शुरू हुई बहस उनकी जिंदगी का आखिरी विवाद बन जाएगी।
सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रह्लाद के अनुसार, शुक्रवार रात करीब आठ बजे परमजीत जिम से वापस लौटे थे। जब वह बिल्डिंग की पार्किंग में पहुंचे तो उनकी निर्धारित पार्किंग जगह पर मोनू शर्मा की कार खड़ी मिली। परमजीत ने पड़ोसी से गाड़ी हटाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। पुलिस के मुताबिक, मोनू शर्मा अपनी लाइसेंसी पिस्टल लेकर पार्किंग में आया और उसने परमजीत पर फायरिंग शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने करीब 15 राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से नौ गोलियां परमजीत को लगीं। गोली लगने से वह मौके पर ही गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। अचानक हुई फायरिंग से पूरी इमारत में अफरा-तफरी मच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने परिवार के साथ वहां से निकल गया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से कारतूसों के कई खाली खोल बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
पुलिस ने परमजीत के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। वहीं आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की कई टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और आरोपी के फरार होने के बाद उसके संपर्कों तथा गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस पुराने विवादों, घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियों और फायरिंग के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी सोसायटियों और बहुमंजिला इमारतों में छोटे-छोटे विवादों के हिंसक रूप लेने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्किंग और पालतू जानवर को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार एक परिवार के लिए बड़ी त्रासदी बन गया। शादी की तैयारियों में जुटे परमजीत के परिवार में अब खुशियों की जगह मातम पसरा है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और उसकी गिरफ्तारी के बाद ही वारदात के सभी पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।