76 साल का इंतजार खत्म, एटा-कासगंज रेल परियोजना को मिली रफ्तार

दशकों से लंबित एटा-कासगंज रेल लाइन परियोजना अब हकीकत बनने की ओर बढ़ रही है। जिला प्रशासन अंतिम 20-एफ गजट प्रकाशित करने की तैयारी में है, जिसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर अगस्त से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। करीब 29 […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • June 19, 2026 6:17 pm IST, Published 2 hours ago

दशकों से लंबित एटा-कासगंज रेल लाइन परियोजना अब हकीकत बनने की ओर बढ़ रही है। जिला प्रशासन अंतिम 20-एफ गजट प्रकाशित करने की तैयारी में है, जिसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर अगस्त से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

करीब 29 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के निर्माण से एटा को कासगंज के माध्यम से बरेली, उत्तराखंड और उत्तर भारत के व्यापक रेल नेटवर्क से सीधा जुड़ाव मिलेगा। इससे यात्रियों को लंबा मार्ग तय करने की मजबूरी से राहत मिलेगी और आवागमन अधिक सुगम होगा।

परियोजना के लिए एटा और कासगंज के 20 गांवों की लगभग 116 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। भूमि स्वामियों को मुआवजा सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा। रेल मार्ग एटा रेलवे स्टेशन से शुरू होकर नदरई के पास मथुरा-कासगंज-बरेली रेलखंड से जुड़ेगा। इस रूट पर न्यौराई, अचलपुर और रसूलपुर गढ़ा नामक तीन नए स्टेशन भी विकसित किए जाएंगे।

करीब 428 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में रेलवे ट्रैक, स्टेशन भवन, पुल और विद्युत ढांचे का निर्माण शामिल है। रेल लाइन बनने से व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। लंबे समय से प्रतीक्षित यह परियोजना अब क्षेत्रीय विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की नई उम्मीद बनकर उभर रही है।

 

Advertisement